iNewz.in Hindi News

Aaj Ka Shabd Jhalak Harivanshrai Bachchan Best Poem Lalak Gaya Main Sukh Ki Bahon Men

                
                                                             
                            अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- झलक, जिसका अर्थ है- चमक-दमक, आभा, आकृति का अभास या प्रतिबम्ब। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता- ललक गया मैं सुख की बाहों में 
                                                                     
                            

झलक तुम्हारी मैंने पाई सुख-दुख दोनों की सीमा पर।

ललक गया मैं सुख की बाहों
में जब-जब उसने चुमकारा,
औ’ ललकारा जब-जब दुख ने
कब मैं अपना पौरुष हारा;
आलिंगन में प्राण निकलते
खड्ग तले जीवन मिलता है;
झलक तुम्हारी मैंने पाई सुख-दुख दोनों की सीमा पर।

आगे पढ़ें

12 minutes ago

,

Leave a Reply