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Aaj Ka Shabd Bahu Agyeya Best Poem Yah Deep Akela Sneh Bhara

                
                                                             
                            अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- बाहु, जिसका अर्थ है- भुजा, बाँह। प्रस्तुत है अज्ञेय की कविता- यह दीप अकेला स्नेह भरा
                                                                     
                            

यह दीप अकेला स्नेह भरा 
है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो। 
यह जन है : गाता गीत जिन्हें फिर और कौन गाएगा? 
पनडुब्बा : ये मोती सच्चे फिर कौन कृती लाएगा? 

यह समिधा : ऐसी आग हठीला बिरला सुलगाएगा। 
यह अद्वितीय : यह मेरा : यह मैं स्वयं विसर्जित : 
यह दीप, अकेला, स्नेह भरा 
है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो। 

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1 hour ago

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